कई साल पर्यटक की तरह घुमने के बाद ऐसा लगा कि ये घूमना भी कोई घूमना हुआ । किसी भी हिल स्टेशन पर जाने के बाद घर जैसा आराम होटलो में रहना खाना, गाडियो में बैठ कर इस पॉइंट उस पॉइंट पर घूमना इस बार कुछ अलग करने का मन जोर जोर से कर रहा था। लेकिन मन की करने के लिये एक चीज का अभाव था। वो चीज थी समय ।